भावो से भरा है हृदय मेरा अपार,
पर शब्द हैं छोटे, न कह पाएँ भासा का विस्तार।
गुरु की कृपा, आशीष अपार,
उनका जीवन बने मेरे गीत, मेरे ववचार।
छात्र जीवन में गुरु को पाया,
श्री विनायक हरि दाते महाराज की शरण को अपनाया।
संपूर्ण जीवन गुरु को समर्पित किया,
गुरु के आदेशों का पालन किया।
निःछल, निर्मल, संत स्वरूप,
जीवन उनका दिव्य और अनुशासन स्वरूप।
गुरु की कृपा से साधना की राह,
भक्ति की अग्नि में तपे दिन-रात।
साधना से पहुँचे ऐसी थाह,
लोभ-मोह, क्रोध न कर सके राह।
हर वाणी में गुरु की ज्योति झलकी,
हर क्रिया में उनकी शिक्षा चमकी।
भोर में होते कांकड़ आरती के गीत,
साढ़े पाँच बजे उठते थे अतीव नियमित।
हर निवाले पर अंगारा धरते,
“गुरु रक्षा करते” वे कहते।
बाहर जाते समय महाराज क नमस्कार करते ,
उनके संरक्षण में निश्चिंत होकर चलते।
वापस आकर भी शीश नवाते,
कृतज्ञ होकर चरणों में प्रणाम चढ़ाते।
एक प्रहर का भोजन, साधी हुई चाह,
पर प्रेम बाँटा अपार अथाह।
ज्ञानेश्वरी, दासबोध का पाठ,
गुरु-वाक्य माना ईश्वर का साथ।
कष्ट सहे, आर्थिक भी बहुत,
पर कभी न जताया अपना दुःख।
कभी-कभी किस्से सुनाते,
पर उनसे केवल प्रेरणा ही दिलाते।
कभी न लिया श्रेय अपने लिए,
हर गौरव गुरुचरणों में दिए।
धीरे से बोले, कोमल वचन,
रहा गुप्त उनका आध्यात्मिक धन।
मेरे पथ-प्रदर्शक, मेरे सखा,
प्यार, प्रेरणा, आशीष मिला।
छोटी उपलब्धि पर भी बोले हँसकर,
“छोरी बाई, मैं तुझसे प्रसन्न हूँ” कहकर।
जब कभी मन होता था विषाद से भरा,
मैथिलीशरण की पंक्ति सुनाया करते—
“नर हो, न निराश करो मन को,
कुछ काम करो, कुछ नाम करो।”
उन शब्दों में जैसे जीवन की लौ जल उठती,
थकान मिट जाती, हृदय को फिर संकल्प से भर देती।
रुडयार्ड किपलिंग की कविता If भी गाते,
भरपूर आत्मविश्वास जगा देते।
अंतिम वचन अब भी देते सहारा,
“छोरी बाई, तेरी शुभकामना से मैं आया हूँ दोबारा।”
शरीर भले ही विलीन हुआ हो,
पर उनकी उपस्थिति सदा ही जीवंत है।
आज जो हम पाते हैं जीवन में,
वह उनके निवेश का लाभ है साधन में।
जो उन्होंने साधना की बुआई,
लाभान्वित हुए परिवार और अनुयायी।
उनकी विरासत प्रेम, अनुशासन, दया,
यही है हमारी सबसे बड़ी पूर्णता।
परिवार में बंधन, स्नेह अपार,
भासा का आशीर्वाद सदा रहे भरमार।
उनका जीवन, समर्पण महान,
हमारी धरोहर, अमूल्य सामान।
दादा की कृपा, गुरु का प्रकाश,
हमारे लिए है अनंत विरासत, अनुपम विश्वास।
🌸 कोटि-कोटि प्रणाम 🌸
Amita (Madhavi) Joshi
